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कुछ सपने और भी हैं

जिंदगी के कुछ पन्नो में कुछ सपने और भी हैं
कुछ रास्ते और भी है कुछ मंजिलें और भी हैं

उन सपनो में सब अपने हैं और कुछ हमसफ़र भी हैं
आँखों में कोई आशुं नही अब बस खुशियाँ हैं

समय से जीतना नही पर अब समय के साथ चलना है
जिंदगी के कुछ मील के पत्थर हैं जिन्हे साथ रखना है

बंजर जिंदगी पर अब बारिश खुशियों की होनी है
इस दिल को जिस पल की तलाश थी वो समय बदलने को है

Ashish Vishwakarma
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