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जिसे पाने की चाह

दिल मे बसा कर उसका चेहरा खो गया मैं कहीं
खोया तो उसे जाता है जिसे पाया हो कभीं
जिसे पाने की चाह हो वो प्यार तो नही
जो ना चाहने पे हो जाए वही प्यार है सही
उसके होठों की मुस्कुराहट मेरे लफ़्ज़ों मे बसी
उसे भूलने की ताक़त मेरे अश्कों मे नही
चाहु उसको जो इतना की वो दिखे हर कहीं
जैसे मेरे जहाँ मे बसी हो उसकी तस्वीर हर कहीं

Anchal Kesharwani
He is lazy, calm and cool. He is open minded and his words are close to heart. So relax and enjoy his words with his one shayries.
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