चन्द लम्हों की

चन्द लम्हों की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में,
हर इंसान अपने आप को अकेला पाता है ।

भीड़ में कोई अपना मिलने पर थोडा सा मुस्कुराता है,
थोडा समय गुजरते ही अपनी राह चला जाता है ।।

मौसम बारिश का आता है,
बादलों की गर्जना सुन दिल उसका डर जाता है,

एक प्यारा सा साथ पाते ही उसकी यादो में डूब जाता है।
और झमझम बारिश की बूंदों में पंछियो को झूमते देख खुद भी ख़ुशी से झूम जाता है ।।

जिंदगी के इन मुश्किल रास्तों में कोई अपना उसे मिल जाता है,
आँखों में कुछ सपने और उम्मीदों के पल बुन लेता है।

दिल की सारी बातों को यूँ आँखों से बयाँ कर देता है।
और अंत में इस नन्हे दिल में चलकर पैरो के निशाँ छोड़ जाता है।।

वैसे तो अकेला ही आता है और अकेला ही जाता है।
बस अंतर सिर्फ इतना होता है
जाते वक़्त वो अपने हर लम्हों की यादें छोड़ जाता है।।

Anurag Jain
He is always in a joyful mood. He has some big dreams and quite passionate towards his career. Enjoy new heights with his words.
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