खुशनसीब हूँ मैं

एक नन्हा सा मेहमान आया जिंदगी मे मेरे
खुशनसीब हूँ मैं जो खुदा ने चुना इसे मेरे लिए

पाकीज़ा रिश्ता ये तेरा मेरा जो दुनिया से परे
चाहूं मैं तुझको इतना दुनिया मे बिना किसी से डरे

नटखट सी मुस्कान तेरी, ईमानदारी तेरे अश्कों मे
दर्द तुझे जब भी होता दिल मेरा टूटता टुकड़ों मे

नज़र हटती नही जब भी तू यूँ मुझको देखे
बिन तेरे ना जिंदगी चाहूं ना चाहूं सपने दिखे…

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