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दो दिलो के बीच चाहत

अगर इस दुनिया में मुहब्बत ना होती?
दो दिलो के बीच चाहत न होती

लोगो के चेहरों पर मुश्कुराहट ना होती
किसी से दूर होकर भी मुलाकात ना होती

दुसरो की ख़ुशी में खुद को ख़ुशी ना होती
बगीचो के फूलों में खुशबु ना होती

बहते समुन्दर में गहराई न होती
किसी गम को सहने की ताकत ना होती

किसी के दिल में सच्चाई ना होती

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दुनिया ने ये कैसी रीत बनाई हैं

कभी सोच कर देखा नहीं मैंने।

दुनिया ने ये कैसी रीत बनाई हैं
माँ बाप के लिए बेटी क्यों पराई हैं।

जिनकी उंगली पकड़ कर चलना सीखा
करके बड़ा कहते है तू पराई हैं।

कैसे भूलू घर के आँगन को बाबुल
मेरे बचपन की यादे जिसमें समाई हैं।

माँ के आंचल की छाओं मे पली बड़ी
कैसे छोड़ सकती हूँ मायके की गली।

जिस आँगन मे अपना बचपन जिया
क्यों उस देहलीज़ से होती बिदाई हैं।

क्यों बेटी का रिस्ता इतना अजीब होता हैं
क्या बस यही हम बेटियों का नसीब होता हैं।

कभी सपने मे भी नहीं सोचा था मैने
ज़िन्दगी मे इक ऐसा भी मोड़ आएगा

सात फेरो से जन्मों का बंधन बंध जायेगा
और खून के रिस्ता अपना पीछे रह जायेगा।

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खो जाता हूँ अक्सर उसके ख्यालों में

उसकी जुल्फें और उसका चेहरा
बातों में उसकी मिठास का पहरा
खो जाता हूँ अक्सर उसके ख्यालों में
जैसे आकाश में उड़ता कोई पपीहरा

खुशबू से महकता उसका तन मन
उसे देख मैं उसकी आखों में ठहरा
प्यार हो जाता मुझे हर बार देखकर
उसका रंग मानो सोने सा सुनहरा

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काश वो मेरे हमसफ़र बन जाते

काश मेरे सारे सपने सच हो जाते
वो खुशियों से मेरा दामन भर जाते
खुदा से दुआ में माँगा था जिन्हें हमने
काश वो मेरे हमसफ़र बन जाते

जिंदगी के फलसफा कुछ और ही होता
अगर रंगत उनके चेहरे की हम हो जाते
ना लड़ते हम अपने आंशुओं से अक्सर
अगर मेरे सारे सपने हकीकत हो जाते

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उसकी यादों का कारवां

शरारत उसकी और शरमाना क्या गजब था
बातों में उसकी मेरा नाम आना बेसबब था
खुदा ने मोहलत न दी कभी उससे मिलने को
पर इन्तजार में तडपना भी लगता शानदार था

उसकी यादों के कारवां में चलता चला गया में
एक गहरे दरिया में फश गया हो माँझी जैसे
हर पहर हर वक़्त में वो ही याद आती है
यादों के भँवर में फश गया हो समय जैसे

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दिल मेरा मोबाइल है

ओ मेरे सनम सुन ले की दिल मेरा मोबाइल है
तेरे ही नंबर मेरी स्क्रीन पर हर वक़्त डायल है|

हर जगह हर शहर में सिर्फ तेरा ही network है
तेरे बिन फ्री रोमिंग भी अब लगती Chargeable है|

रिचार्ज कर दे मुझे अपनी मौजूदगी से मेरे सनम
बिन तेरे मेरी high power बैटरी भी लगती Discharge है|

ए सनम तू मेरी रिंगटोन तू ही मेरा वॉलपेपर है
तेरे बिन 16 million कलर भी लगते black & white है|

wifi के सिग्नल भी अब लाइफ में मिलते नहीं यहाँ
3G भी बिन तेरे चलता है 2G से बुरा अब यहाँ|

internal मेमोरी भी फुल हो चुकी है वायरस से मेरी
बनकर Antivirus मेरा करदे दूर सारी मुस्किल मेरी|

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