बस यही है मेरा सपना

पर्वतो से ऊचा ओहदा हो अपना

समुद्र से निर्मल हो दिल ये अपना

दुनिया में मुझे हर कोई कहे अपना

दुखो की आग में न मुझे पड़े तपना

झूठ के सामने न कभी पड़े झुकना

कितना भी चलना पड़े जीवन में न रुकना

कठिन रास्तों पर भी कभी नही थकना

बस यही है मेरा सपना …
बस यही है मेरा सपना….

Akanksha Jain
She is shy but not her words, her shayri creates difference, her shayries are straight from heart to yours.
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