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खो जाता हूँ अक्सर उसके ख्यालों में

उसकी जुल्फें और उसका चेहरा
बातों में उसकी मिठास का पहरा
खो जाता हूँ अक्सर उसके ख्यालों में
जैसे आकाश में उड़ता कोई पपीहरा

खुशबू से महकता उसका तन मन
उसे देख मैं उसकी आखों में ठहरा
प्यार हो जाता मुझे हर बार देखकर
उसका रंग मानो सोने सा सुनहरा

Ashish Vishwakarma
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